सच
तुम ईमानदार हो !
गाँधीवादी हो !!
झूठ नहीं बोलते !!!
तो जाओ
तुरंत जाओ
समुद्र की लहरें
पर्वत की चोटियाँ
और छत से लटके पंखे
तुम्हारी
प्रतिक्षा कर रहे हैं.
तुम ईमानदार हो !
गाँधीवादी हो !!
झूठ नहीं बोलते !!!
तो जाओ
तुरंत जाओ
समुद्र की लहरें
पर्वत की चोटियाँ
और छत से लटके पंखे
तुम्हारी
प्रतिक्षा कर रहे हैं.