लड़की और टाइपराईटर

टाइपराईटर पर
टाइप करती हुई लड़की
अपने हाथों की
पतली-नाजुक अंगुलियों से
कोरे कागज पर
टंकित करती है
अपना भविष्य
जो कि
उसकी कोमल हथेलियों में बनी
आड़ी-तिरछी रेखाओं में
कैद है.
लेकिन वह
उन शब्दों को
पढ़ने में असमर्थ है
या
शायद जान-बूझकर ही
उनको पढ़ना नहीं चाहती.
संभवत: उसे
सुनहरे भविष्य की कल्पना को
अंधकार में परिवर्तित
कर डालने वाले
इस समय की नियति का
अहसास हो गया है.

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