परीक्षा
दोस्तो
तुम/तुम ही रहना
समय के ज़हर बुझे तीर
तुम्हारे ज़िस्म को
बेघ जाएं/छलनी-छलनी कर जाएं
कुछ न कहना
चुपचाप सह लेना.
दोस्तो
तुम/तुम ही रहना.
ये कुछ और नहीं
तुम्हारी सहन-शीलता की
परीक्षा है
इससे मिलेगा/तुम्हें
नया अनुभव
नया सोच
मंथन के लिये नया खाद
बस/तुम तो
अपनी कलम घिसते रहना.
दोस्तो
तुम/तुम ही रहना.
एक समय ऐसा भी आएगा
जब तुम्हारे सामने
फेंके जाएंगे/सुनहरे बिस्कुट
ज़हरीली मिठाईयां
तुम स्वाद के लालच में उन्हें
चख न लेना/पेट में घुटने दे लेना.
दोस्तो
तुम/तुम ही रहना.