आत्महत्या
मारो
और मारो
मुझे मार डालो.
लेकिन ज़रा ठहरो !
पहले देख तो लो
मैं जिंदा भी हूँ या नहीं ?
आओ
पास आओ
डरो नहीं
मैं मानव हूँ
कोई प्रेत नहीं.
देखो/झाँको मेरे अंतर्मन में
टटोलो/मेरी अंतर्आत्मा को
सब पता चल जाएगा
मैं जिंदा हूँ या मृत.
क्या कहा !
अंतर्मन मर चुका है.
नहीं…नहीं
ऐसा नहीं हो सकता
शायद तुम्हें भ्रम हुआ है
दुबारा देखो.
क्या कहा/वास्तव में मर चुका है
तो चलो
चलकर पोस्ट-मार्टम कराते हैं.
पोस्ट-मार्टम की रिपोर्ट :
”अंतर्मन की मृत्यु
आत्महत्या के कारण हुई.”
उसने आत्महत्या करली !
नहीं….नहीं
ऐसा कदापि नहीं हो सकता
भला वह आत्महत्या क्यों करने लगा ?
चलो चलकर
अंतर्आत्मा से पूछते हैं.
अंतर्आत्मा का कथन :
अंतर्मन अभावों से त्रस्त था
कुंठित भावनाओं
दूषित विचारों द्वारा
उस पर
अत्याचार किये जाते थे
स्वप्नों/ख्वावों/अरमानों द्वारा
उसके साथ
अनाचार किया गया
इसीलिये उसने
आत्महत्या करली.
ये सुन वे
अवाक् रह गये
और मुझे उसी अवस्था में छोड़
विलीन हो गये.